इस बारे में चरवाहे माइकल मर्फी ने बताया कि उनके पशु शारीरिक संबंधों को लेकर क्रेजी हो गए। न केवल भेड़े बल्कि कुत्ते, गायों समेत सभी पशु संबंध बनाने में काफी एक्टिव हो गए जिस कारण लोगों में भय बढऩे लगा।
चरवाहों ने जांच की लेकिन उन्हें इस वजह का पता नहीं चला और इसी वियाग्रा निर्माता कंपनी फिजर ने स्वीकार किया है कि उनके एक प्लांट में जहां ताकत बढ़ाने वाली दवाई तैयार होती है वहां के एक यूनिट में लीकेज हो गई। इस लीकेज के कारण 700 टन वियाग्रा रिंगासकिड्डी हार्बर नदी में गिर गई। ये वो वियाग्रा थी जिसे अभी फिल्टर किया जाना था।
दवाई के नदी के पानी में मिक्स हो जाने से पानी ताकत बढ़ाने वाला बन गया और इस नदी से जिस-जिस ने पानी पीया उसकी शारीरिक ताकत अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई। मर्फी कहते हैं कि उन्हें हमेशा फाइजर पर संदेह था लेकिन यह डर भी था कि शायद ये कोई पागल गाय की बीमारी के समान नई बीमारी हो जोकि ज्यादातर भेड़ों को प्रभावित करती है।
रविवार को इस यूनिट की मरम्मत की गई थी। वैसे संक्रमित जानवरों के व्यवहार के सामान्य होने से पहले सप्ताह लग सकते हैं। उल्लेखनीय है कि यह पहली बार नहीं है जब फाइजर को इस विशिष्ट कारखाने में कोई समस्या हो।
नदी में गिर गई 700 टन वियाग्रा, फिर जो हुआ वो आप सोच भी नहीं सकते
Reviewed by Hindi khabar
on
December 11, 2019
Rating:

