साल 2016 में पाकिस्तान पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक (surgical strike) के बाद 29 सितंबर को अनजाने में एक भारतीय सैनिक चंदू चव्हाण (Chandu Chavan) पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हो गया था। हालांकि चंदू 4 माह पकिस्तान की कैद में रहकर सकुशल भारत लौट आया। लेकिन अब चंदू ने महामहिम रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) से इच्छा मृत्यु मांगी है। भारतीय सैनिक चंदू ने इस हेतु देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) को भी एक पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की है।
दरअसल अहमदनगर के इस सैनिक चंदू (Chandu Chavan) ने अपने पत्र में आरोप लगाते हुए लिखा है कि अहमदनगर की जिस यूनिट में उसकी तैनाती की गई है वहां के अफसर उसे लगातार अपमानित कर रहे हैं। चंदू का कहना है कि वह बार-बार इस तरह का अपमान सहन नहीं कर सकता। वहीं इससे पहले चंदू ने यह भी आरोप लगाया था कि पाकिस्तान में सजा काटकर स्वदेश लौटने पर उसे शक भरी नज़रों से देखा जा रहा है। फिलहाल राष्ट्रपति के पास चंदू ने जिलाधिकारी के माध्यम से पत्र पहुंचाया है। इस खत में चंदू ने लिखा कि वह अभी छुट्टी पर है और आगामी 29 दिसंबर को उनकी छत्तियाँ समाप्त हो रही हैं। इसके बाद उन्हें फिर से रेजीमेंट जॉइन करना है।
चंदू (Chandu Chavan) ने आगे खत में लिखा कि उन्हें फिर वही बात परेशान कर रही है कि ज्वाइनिंग के बाद फिर से यूनिट में उनके साथ भेदभाव किया जाएगा। इसी बात से परेशान होकर चंदू ने यह पत्र लिख इच्छा मृत्यु की मांग की है। चंदू ने यह भी बताया कि जब वह पाकिस्तान में 4 माह कैद रहकर स्वदेश लौटा तब उसे देश में कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का सामना करना पड़ा। उसने बताया कि स्वदेश लौटने पर भी उसे सेना की जेल में 90 दिन गुजारने पड़े। इसके बाद उसे अहमदनगर में पोस्टिंग दी गई। इसके अलावा चंदू ने मोबाइल और पहचान पत्र जब्त किए जाने का आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि उसे बीते 7 माह से तनख्वाह भी नहीं दी गई है।
बिना सैलरी काम कर रहा सैनिक राष्ट्रपति से मांग रहा मौत
Reviewed by Hindi khabar
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December 11, 2019
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