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दोस्तों कहते हैं समय बड़ा बलवान होता है, यह रंक को कब राजा बना दे और राजा को रंक कोई नहीं जानता। समय बड़ा बलवान होता है और किसी के भी वश में नहीं होता है. समय सभी को बदल देता है चाहे वो कोई भी हो। लोग कहते हैं कि समय से पहले और भाग्य से अधिक न किसी को मिला है और न किसी को मिलेगा। इसी का जीता जागता उदाहरण है,जिला पंचायत अध्यक्ष रही जूली आदिवासी। यह महिला कभी लालबत्ती कार में घूमा करती थी और बड़े बड़े अधिकारी ‘मैडम’ कह कर संबोधित करते थे।
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लेकिन दोस्तों आज यह महिला अब पेट पालने के लिए बकरियां पालकर गुजर बसर कर रही है। इतना ही नहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पास अब रहने को घर तक नहीं है, जिसकी वजह से वह एक कच्ची टपरी में रहकर अपने बच्चों का भरण-पोषण कर रही है।
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दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दे की जूली आदिवासी के यहां दो लड़कियां तथा तीन लडक़े हैं। जूली कहती हैं कि जब वह जिला पंचायत अध्यक्ष बनी तो उसके सभी बच्चों का एडमीशन अधिकारियों ने प्रायवेट स्कूल में करवा दिया था,वह पढऩे जाते थे और उन्हें पढ़ाने के लिए टीचर भी आता था। दोस्तों आज वही बच्चे मजदूरी करने को मजबूर हैं। उनका किसी सरकारी स्कूल तक में एडमिशन नहीं है।
https://www.patrika.com/gwalior-news/julie-adivasi-former-district-panchayat-president-1-3318319
दोस्तों आज जूली गुमनामी के अंधेरे में जिले की बदरवास जनपद पंचायत के ग्राम रामपुरी की लुहारपुरा बस्ती में रहकर बकरी चराने का काम कर रही हैं। दोस्तों वर्ष 2005 में पूर्व विधायक और जिले के कद्दावर नेता रामसिंह यादव ने जूली को जिला पंचायत सदस्य बनाया और फिर क्षेत्र के एक अन्य पूर्व विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी ने जूली को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचाया।
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दोस्तों खबरों के अनुसार जूली इन दिनों गांव की 50 से अधिक बकरियों को चराने का काम कर रही हैं और उनके अनुसार उन्हें प्रति बकरी 50 रुपए प्रतिमाह की आय होती है।
कभी लालबत्ती में घूमती थी यह महिला, अधिकारी कहते थे मैडम, अब चरा रही है बकरियां
Reviewed by Hindi khabar
on
December 07, 2019
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