
मलेशिया: बच्चे को जन्म देना किसी भी महिला के लिए सबसे संवेदनशील समय होता है। इस दौरान मां और बच्चे दोनों की जिंदगी को रिस्क होता है। इसलिए इस दौरा महिला को काफी केयर की जरुरत होती है। लेकिन कई बार कुछ हॉस्पिटल्स अपने रूल्स रेगुलेशन के चक्कर में इस समय लापरवाही बरतते हैं, जिसका अंजाम काफी बुरा होता है। ऐसा ही एक मामला मलेशिया से सामने आया।
दर्द से तड़पती आई थी महिला
मलेशिया में रहने वाले केलना जगत का दूसरा बच्चा आज इस दुनिया में नहीं है। उन्होंने अपने बच्चे को डॉक्टर्स की लापरवाही के कारण खो दिया। दरअसल, केलना की पत्नी प्रेग्नेंट थीं। ये दोनों का दूसरा बच्चा था। अचानक केलना को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसके बाद केलना उसे लेकर हॉस्पिटल पहुंचे। दोनों मलेशिया के सुल्ताना नूर ज़ाहिरा हॉस्पिटल पहुंचे। केलना की वाइफ दर्द से छटपटा रही थी। लेकिन वहां पहुंचकर दोनों की हालत और खराब हो गई।
मलेशिया में रहने वाले केलना जगत का दूसरा बच्चा आज इस दुनिया में नहीं है। उन्होंने अपने बच्चे को डॉक्टर्स की लापरवाही के कारण खो दिया। दरअसल, केलना की पत्नी प्रेग्नेंट थीं। ये दोनों का दूसरा बच्चा था। अचानक केलना को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसके बाद केलना उसे लेकर हॉस्पिटल पहुंचे। दोनों मलेशिया के सुल्ताना नूर ज़ाहिरा हॉस्पिटल पहुंचे। केलना की वाइफ दर्द से छटपटा रही थी। लेकिन वहां पहुंचकर दोनों की हालत और खराब हो गई।
नर्स ने एडमिट करने से किया इंकार
हॉस्पिटल पहुंचने के बाद केलना ने अपनी वाइफ को एडमिट करने की रिक्वेस्ट की। वहां नर्स ने उनसे उनकी वाइफ की आईडी कार्ड मांगी। लेकिन जल्दबाजी में केलना अपनी वाइफ के डॉक्युमेंट्स लाना भूल गए थे। उनके पास अपनी वाइफ का आईडी कार्ड भी नहीं था। इसके बाद नर्स ने उसे एडमिट करने से इंकार कर दिया। नर्स ने उसे वापस घर जाकर पाइरस लाने की बात कही। इसके बाद किसी ने उसकी वाइफ को अटेंड नहीं किया।
हॉस्पिटल पहुंचने के बाद केलना ने अपनी वाइफ को एडमिट करने की रिक्वेस्ट की। वहां नर्स ने उनसे उनकी वाइफ की आईडी कार्ड मांगी। लेकिन जल्दबाजी में केलना अपनी वाइफ के डॉक्युमेंट्स लाना भूल गए थे। उनके पास अपनी वाइफ का आईडी कार्ड भी नहीं था। इसके बाद नर्स ने उसे एडमिट करने से इंकार कर दिया। नर्स ने उसे वापस घर जाकर पाइरस लाने की बात कही। इसके बाद किसी ने उसकी वाइफ को अटेंड नहीं किया।
बाहर लटका था आधा बच्चा
नर्स केलना से डॉक्युमेंट्स के लिए बहस कर रही थी, उधर केलना की वाइफ का दर्द से हाल बेहाल था। बच्चा गर्भ से आधा बाहर आ चुका था। सबसे चिंता की बात थी कि बच्चे का पैर पहले बाहर आया था। उसकी हालत नाजुक थी। लगभग आधे घंटे बहस के बाद नर्स ने महिला को एडमिट किया।
नर्स केलना से डॉक्युमेंट्स के लिए बहस कर रही थी, उधर केलना की वाइफ का दर्द से हाल बेहाल था। बच्चा गर्भ से आधा बाहर आ चुका था। सबसे चिंता की बात थी कि बच्चे का पैर पहले बाहर आया था। उसकी हालत नाजुक थी। लगभग आधे घंटे बहस के बाद नर्स ने महिला को एडमिट किया।
नीला पड़ गया था बच्चा
इतनी देर के बाद डॉक्टर्स ने बच्चे को जब बाहर निकाला तब उसकी बॉडी पूरी तरह नीली पड़ गई थी। उसे तुरंत इमरजेंसी में रखा गया। लेकिन अगले दिन उसकी हालत काफी खराब हो गई। डॉक्टर्स के मुताबिक, बच्चे की इंटरनल ब्लीडिंग काफी ज्यादा थी। जिसके बाद बच्चे ने दम तोड़ दिया।
इतनी देर के बाद डॉक्टर्स ने बच्चे को जब बाहर निकाला तब उसकी बॉडी पूरी तरह नीली पड़ गई थी। उसे तुरंत इमरजेंसी में रखा गया। लेकिन अगले दिन उसकी हालत काफी खराब हो गई। डॉक्टर्स के मुताबिक, बच्चे की इंटरनल ब्लीडिंग काफी ज्यादा थी। जिसके बाद बच्चे ने दम तोड़ दिया।
पिता ने फेसबुक पर शेयर किया दर्द
बच्चे को खोने के बाद केलना ने अपने साथ हुई इस घटना को सोशल मीडिया पर शेयर किया। उसने अपने पोस्ट में बताया कि कैसे आईडी कार्ड और फॉर्म्स भरवाने के चक्कर में डॉक्टर्स ने उसके बच्चे की जान ले ली। इस पोस्ट को अभी तक हजारों बार शेयर किया गया है। लोगों ने केलना के साथ अपनी संवेदना शेयर की।
बच्चे को खोने के बाद केलना ने अपने साथ हुई इस घटना को सोशल मीडिया पर शेयर किया। उसने अपने पोस्ट में बताया कि कैसे आईडी कार्ड और फॉर्म्स भरवाने के चक्कर में डॉक्टर्स ने उसके बच्चे की जान ले ली। इस पोस्ट को अभी तक हजारों बार शेयर किया गया है। लोगों ने केलना के साथ अपनी संवेदना शेयर की।
मां के गर्भ में फंसा था बच्चे का आधा शरीर, नर्स ने कहा, पहले फॉर्म भरो तब निकालेंगे बाहर
Reviewed by Hindi khabar
on
December 16, 2019
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