नसों को ब्लॉक होने से बचाना है तो याद रखिए ये छोटे-छोटे टिप्स


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त्वचा की सतह के नीचे उभरी हुई नजर आती नीलें रंग की वेंस को वैरिकोज वेंस कहा जाता है। कई लोगों के लिए तो यह समस्या आम होती है मगर कई लोगों को इस वजह से काफी दर्द और खारिश महसूस होती है। यह नसें अधिकतर आपके पैरों और पैरों के पंजों में नजर आती हैं। इस पर ध्यान न देने के कारण कभी-कभी यह गंभीर समस्याओं का रुप ले सकती है जिससे नसों में ब्लॉकेज की प्रॉबल्म हो सकती है। इसलिए समय रहते इनकी पहचान कर इलाज जरुर करें।
वैरिकोज वेन्स के लक्षण:
गहरी बैंगनी या नीली दिखने वाली नसें।
रस्सियों की तरह दिखने वाली मुड़ी और सूजी हुईं नसें।
पैरों में एक दर्द या भारीपन महसूस होना।
जलन, मांसपेशियों में ऐंठन।

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पैरों के निचले हिस्से में सूजन।
लंबे समय के लिए बैठे या खड़े होने के बाद दर्द होना।
एक या एक से अधिक नसों के आसपास खुजली होना।
वैरिकोज वेन्स होने का कारण:
1. उम्र बढ़ने के साथ नसें अपना लचीलापन खो देती हैं जिससे उनमें खिंचाव पड़ता है। ऐसे में नसों का वाल्व कमजोर हो जाता है और दिल की ओर बढ़ने वाला रक्त उल्टी दिशा में बढ़ने लगता है। इस तरह नसों में रक्त इक्ट्ठा हो कर वह फूलकर वैरिकोज वेन्स बन जाती हैं।

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2. प्रेगनेंसी के दौरान: गर्भावस्था के दौरान शरीर में रक्त का अधिक उत्पादन होता है लेकिन पैरों की तरफ रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। यह संचार परिवर्तन बढ़ते हुए भ्रूण के लिए होता है लेकिन इससे यह समस्या हो सकती है।
3. महिलाओं में होता है अधिक खतरा: पहली बार पीरियड्स आने के बाद महिलाओं के हॉर्मोन में परिवर्तन आता है जो वेन्स की दीवारों को शिथिल कर देते हैं।
4. अधिक वजन: कई बार ओवर वेट होने के कारण भी नसों पर दबाव पड़ता है जिस कारण इसे होने का खतरा बढ़ जाता है।
5. अधिक समय तक एक पॉजीशन में रहना: लंबे समय तक एक ही पॉजीशन जैसे कि खड़े या बैठे रहने से रक्त का प्रवाह ठीक नहीं हो पाता है। जिससे यह समस्या हो सकती है।
बचाव के तरीके:
  • रोज कुछ समय व्यायाम करें।
  • अपने वजन पर ध्यान दें, अगर यह अधिक है तो उसे कम करें।
  • अपनी डाइट में ज्यादा फाइबर खाएं और कम नमक रखें।
  • ऊंची हील्स के जूते और टाइट जुराबें न पहनें।
  • पूरे दिन में कुछ समय के लिए अपने पैरों को ऊपर उठाएं।
  • अपने बैठने और खड़े होने की अवस्था को थोड़ी देर बाद जरुर बदलें।
अपनाएं ये उपाय:
1. 100 ग्राम जैतून के तेल में 3 से 4 बारीक कद्दूकस किए हुए नींबू के छिलके को मिक्स करके 10 से 15 मिनट धूप में रखें। अब इसमें 30 एमएल सायप्रस ऑयल मिक्स कर रात को सोने से पहले मसाज करें।

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2. रात को 8 से 10 किशमिश पानी में भिगो कर सुबह खाली पेट खाएं।

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3. दोपहर को लंच करने के 1 घंटे बाद 1 चम्मच अलसी के बीजों का सेवन करें। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है।

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4. हल्के गुनगुने पानी में आधा चम्मच पिसी हुई बड़ी लाल मिर्च, 1 चम्मच एप्पल साइडर विनेगर और शहद मिक्स कर लें। इस मिश्रण का भोजन के आधे घंटे बाद सेवन करें।
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नसों को ब्लॉक होने से बचाना है तो याद रखिए ये छोटे-छोटे टिप्स नसों को ब्लॉक होने से बचाना है तो याद रखिए ये छोटे-छोटे टिप्स Reviewed by Hindi khabar on October 31, 2019 Rating: 5
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