वेबडेस्क | विटामिन डी हमारे शरीर के लिए काफी जरूरी है. इससे हमारे शरीर को काफी उर्जा मिलती है जिससे हमारा शरीर सुचारू ढंग से काम करता है. सूर्य की किरणों को विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है. वहीं सूर्य की किरणों के अलावा कई ऐसे फूड भी हैं जो शरीर में विटामिन डी बनाते हैं और शरीर को प्रयाप्त उर्जा देते हैं. बता दें कि विटामिन डी हमारे शरीर को सुचारू ढंग से काम करने में काफी मदद करता है.विटामिन डी खाए गए फूड से कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है. इसके साथ ही ये हड्डियों और दांतों के लिए भी काफी फायदेमंद है. विटामिन डी के कारण हमारा इम्यून और नर्वस सिस्टम सुचारू ढंग से काम करता है. इसके साथ ही ये डीप्रेसन से भी निजाद दिलाता है. विटामिन डी की मदद से शरीर को कई बीमारियों से लड़ने की ताकत भी मिलती है.विटामिन डी की कमी आज की तारीख में बहुत आम हो चुकी है लेकिन ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी नहीं है. विटामिन डी की कमी के कई लक्षण हो सकते हैं. विटामिन डी की कमी सिर्फ आपके स्वास्थ्य को ही नहीं बल्कि आपकी स्किन को भी प्रभावित कर सकती है. अगर आपके शरीर में विटामिन डी की कमी होगी तो इसके लक्षण आपकी त्वचा पर भी दिखाई देने लगेंगे.
विटामिन डी की कमी के कुछ अन्य लक्षण- हर चार में से तीन औरतों को है यह रोग, बचाव है बेहद आसान…ऑस्टियोपोरोसिस और विटामिन डी की कमी: धूप से बचने की प्रवृत्ति, कैल्शियम युक्त आहार के कम सेवन और बढ़ते प्रदूषण के कारण भारत की महिलाओं में हड्डियों को खोखला बना देने वाली खामोश बीमारी ‘ऑस्टियोपोरोसिस’ का खतरा बढ़ रहा है.90 फीसदी भारतीयों में है विटामिन डी की कमी, ये है सबसे बड़ी वजह…समय समय पर विटामिन डी के स्तर की जांच करानी चाहिए. नए शोध का हवाले से उन्होंने कहा कि सुबह सात से लेकर 11 बजे के बीच धूप के संपर्क में रहने से विटामिन डी नहीं मिलता. इसके लिए सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक का समय सही है.उन्होंने कहा कि सर्वे में यह भी सामने आया है कि खेत में काम करने वाले मजदूरों, धूप में काम करने वाली गृहणियों यहां तक की अर्धसैनिक बलों में भी विटामिन डी की कमी है. हालांकि उनमें यह कमियां वंशानुगत कारणों से होती है.
अन्य बड़ी वजहों में उन्होंने खाद्य पदार्थों को और परिधान को भी जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि विटामिन डी की शरीर में पूर्ति के लिए 40 मिनट तक धूप के संपर्क में रहना जरूरी है. डॉ दीक्षित ने कहा कि शरीर में विटामिन डी की सही मात्रा मधुमेह, बाल झड़ने, त्वचा रोग आदि से बचाव में मददगार होती है. साथ ही विटामिन डी तंत्रिका संबंधी दवाओं से होने वाली विटामिन की कमी को भी नियंत्रित करता है. उन्होंने बताया कि महिलाओं में पुरुषों की अपेक्षा विटामिन डी की कमी का ज्यादा खतरा रहता है. उन्हें समय समय पर विटामिन डी के स्तर की जांच करानी चाहिए.
जानिए विटामिन डी की कमी के कुछ अन्य लक्षण और उपाय
Reviewed by Hindi khabar
on
November 17, 2019
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