हिंदू धर्म में परिक्रमा के पीछे दो कारण हैं आध्यात्मिक तथा वैज्ञानिक। हिंदू धर्म में मान्यता है कि भगवान की परिक्रमा करने से भगवान खुश होते हैं और इससे अत्यंत ही शुभ फल प्राप्त होता है।
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पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार सभी देवी-देवता और भगवान में खुद को सबसे श्रेष्ठतम कहलाने की होड़ लगी हुई थी ऐसे में यह शर्त रखी गयी कि जो सबसे पहले ब्रह्मांड के चक्कर लगाकर वापस आएगा वही सबसे श्रेष्ठ कहलायेगा।
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और ऐसे में भगवान गणेश जी ने अपने माता-पिता की परिक्रमा किया और वापस चले आये और तर्क दिया गया कि माता-पिता ब्रम्हाण्ड से ऊपर है और उन्हें विजई घोषित कर दिया गया यही कारण है कि सबसे पहले उनकी पूजा होती है। तभी से यह मान लिया गया कि भगवान की परिक्रमा करने से पुण्य फल तथा सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है।
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इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण क्या है कि मंदिर में रोज भगवान की पूजा होती है इसलिए वहां का माहौल काफी सकारात्मक होता है। इससे व्यक्ति की सकारात्मक उर्जा के संपर्क में आता है जिससे उसमे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और उसे काफी सुकून मिलता है।
हिन्दू धर्म में मंदिर की परिक्रमा क्यों की जाती है? आप भी जानिए
Reviewed by Hindi khabar
on
December 11, 2019
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