शीना बोरा हत्याकांड का पूरा मामला क्या है तथा शीना बोरा को अपनी ही माँ ने क्यों मार डाला?

शीना बोरा हत्याकांड पिछले कुछ वर्षों का सबसे चर्चित हत्याकांड रहा है इसमें एक मां ने अपनी ही बेटी का गला घोट कर उसकी हत्या कर दी थी। जब यह मामला सामने आया तब यह पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया।इंद्राणी मुखर्जी मीडिया की एक चर्चित महिला थी।
इंद्राणी मुखर्जी पर अपनी ही बेटी की हत्या का आरोप है। आईएनएक्स मीडिया की प्रवर्तक रही हैं इंद्राणी मुखर्जी।

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शीना बोरा मुंबई मेट्रो वन में काम करती थी और इंद्राणी मुखर्जी व सिद्धार्थ दास की बेटी थी। यह चर्चा का विषय है कि सिद्धार्थ दास या कोई अन्य व्यक्ति शीना का पिता है। शीना 24 अप्रैल 2012 से लापता थी। पुलिस ने इस पर इंद्राणी मुखर्जी और संजीव खन्ना (शीना के दूसरे सौतेले पिता) को ड्राईवर के साथ गिरफ्तार कर लिया। शीना बोरा का जन्म 11 फ़रवरी 1989 गुवाहाटी, भारत में हुआ।

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इंद्राणी के ड्राईवर श्यामवर पिंतुरम के द्वारा दिये गए कथन के अनुसार इंद्राणी ने इस हत्या के लिए पहले से विचार कर रखा था। उसके पूर्व पति संजीव खन्ना और इंद्राणी ने मिल कर किया है।
शीना हत्याकांड: जानिए क्यों इन्ट्रेस्टिंग है ड्राइवर की कहानी—
हाई प्रोफाईल शीना बोरा हत्याकांड में ड्राइवर श्यामवर ने पूरी कहानी बता दी है कि कैसे इन्द्राणी ने अपनी ही बेटी शीना को मौत के घाट उतार दिया।
श्यामवर ने पिछले वर्ष 6 नवम्बर को यह बयान दिया था, लेकिन शुक्रवार को पहली बारहाई प्रोफाईल शीना बोरा हत्याकांड में ड्राइवर श्यामवर ने कई बड़े खुलासे किए हैं। उसने मजिस्ट्रेट के सामने धारा-164 के तहत दर्ज कराए बयान में पूरी कहानी बता दी है कि कैसे इन्द्राणी ने अपनी ही बेटी शीना को मौत के घाट उतार दिया। श्यामवर ने पिछले वर्ष 6 नवम्बर को यह बयान दिया था, लेकिन शुक्रवार को पहली बार यह बयान सामने आया।
श्यामवर ने खुलासा किया कि 2004 से मैं पीटर मुखर्जी के यहां ड्राइवर के काम में लगा। इनकी फैमिली में इंद्राणी मुखर्जी और विधि थे। मेरी ड्‌यूटी विधि को स्कूल-ट्यूशन से लाने-ले जाने की थी। आम्रपाली मार्केट पवार नगर ठाणे में इनका ऑफिस था। सेक्रेटरी काजल शर्मा थी।

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2012 मार्च एंड में काजल मैडम ने मुझे कहा कि इंद्राणी मैडम ने बोला है कि श्याम के नाम स्काइप अकाउंट खोलकर दो। काजल मैडम अकाउंट चालू कर चली गई। फिर स्काइप पर इंद्राणी मैडम ने बात की। बोली, तुम्हारी फैमिली का मेडिकल और बच्चों की पढ़ाई सब मेरी जिम्मेदारी है। नौकरी भी लाइफ टाइम रहेगी। शीना और मिखाइल मुझे मां कहकर बदनाम कर रहे हैं। प्रॉपर्टी का झगड़ा चल रहा है। साहब के लड़के राहुल से शीना का अफेयर है। मुझे शीना और मिखाइल को मारना है। तुम्हें कुछ नहीं होगा। श्यामवर ने बताया कि सारी बातें स्काइप के जरिए ही हुईं।
ड्राइवर श्यामवर ने बयान में बताया कि इन्द्राणी ने शीना की हत्या से पहले ही उसकी लाश को ठिकाने लगाने की जगह तलाश कर ली थी। उसने बताया कि इन्द्राणी से पहली बार सीधी मुलाकात 23 नम्बर को हुई थी, जब मैं उन्हें एयरपोर्ट पर लेने पहुंचा था। यहां से उन्होंने मुझे मार्केट चलने को कहा। मार्केट में उन्होंने 20 लीटर का केन लिया। वहां से खंडाला गए और एक जगह रुके। मैडम बोलीं, यह मिखाइल के लिए अच्छी जगह है। फिर खोपोली रवाना हुए। रास्ते में एक जगह मैडम ने कहा कि ये शीना के लिए अच्छी जगह है। इसके बाद घर पहुंच गए। अगले दिन इन्द्राणी मुझे बांद्रा ले गईं। रास्ते में मुझे बताया कि जब तक हम वहां पहुंचेंगे, शीना और कलकत्ता से आ रहा एक आदमी पहुंच जाएगा।
हम बांद्रा पहुंचे और कुछ देर बाद एक आदमी आया। मैडम ने उससे मेरी पहचान करवाई कि यह संजीव खन्ना है। थोड़ी देर बाद एक कार रुकी, जिसमें से शीना उतरी। शीना और मैडम गले मिले।

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गाड़ी में ही गला दबाकर कर दी हत्या- श्यामवर के मुताबिक, इधर-उधर की बात करने के बाद संजीव खन्ना, शीना और इंद्राणी मैडम कार में बैठकर पाली हिल की ओर रवाना हो गए। कुछ देर चलने के बाद मैडम ने मुझे साइड में गाड़ी रोकने को कहा। शीना उस समय सो रही थी। इन्द्राणी ने खन्ना को इशारा किया कि पीछे आओ। खन्ना पीछे जाकर शीना के बगल में बैठ गए। मैंने ड्राइवर सीट पर मुड़कर देखा तो खन्ना ने शीना के बाल पकड़े हुए थे और इंद्राणी मैडम शीना की जांघों पर बैठकर उसका गला दबा रही थी। मैंने शीना के मुंह पर हाथ रखा तो शीना ने बहुत जोर से मेरी उंगली में काट लिया। थोड़ी देर में सब शांत हो गए। खन्ना आगे आकर बैठ गया। शीना सीट पर पड़ी हुई थी।
मैडम मुझसे बोली- चलो। थोड़ी दूर जाने के बाद खन्ना गाड़ी से उतर गया। श्यामवर ने आगे बयान दिया है कि इसके बाद इंद्राणी मैडम ने कहा- होटल ताजलैंड ले चलो। इंद्राणी मैडम ने मुझे होटल ताजलैंड के गेट के पास रुकने को कहा और बोली कि तुम एक साइड में पार्किंग कर खड़े रहना। फिर मैंने गार्डन के पास गाड़ी खड़ी कर लॉक कर दी और उसके आस-पास घूमने लगा। 10-15 मिनट बाद मुझे मैडम का फोन आया। उन्होंने चलने को कहा। हम घर पहुंचे और कार को गैरेज में रख दिया।
मिखाइल बेहोश नहीं हुआ तो बदल दिया प्लान- ड्राइवर ने बताया कि घर पहुंचने के बाद इन्द्राणी ने खाना लाने को कहा। मैं खाना लेकर आया, तभी खन्ना भी आ गया। मैं और खन्ना ऊपर गए तो मैडम ने दरवाजा खोला। मिखाइल वहां दारू पी रहा था। हम टैरेस पर चले गए। मैडम मुझे बोली, मिखाइल कितना दारू पीता है, अभी तक बेहोश नहीं हुआ। फिर उसके बाद खन्ना बोला ठीक है, मिखाइल को बाद में देखते हैं। दो-दो बोरी अलग-अलग जगह कैसे लेकर जाएंगे। मैडम मुझे बोली कि कल सुबह जल्दी निकलना है। तुम जाओ आराम करो।
लाश ठिकाने लगाने निकले अलसुबह -ड्राइवर ने बयान में आगे कहा कि सुबह चार बजे मुझे इन्द्राणी का फोन आया और बोली गाड़ी के पास आ जाओ। मैं गाड़ी के पास गया। खन्ना और मैडम वहां खड़े थे। थोड़ी देर बाद हम वहां से कार लेकर निकल गए। मैडम के कहने पर रास्ते में पेट्रोल पंप पर रुके और खन्ना ने कैन में 10 लीटर पेट्रोल भरवाया। वहां से पेण की उसी जगह पहुंचे, जो मैडम ने पसंद की थी। वहां पहुंचकर खन्ना और इंद्राणी ने शीना को गाड़ी से बाहर खींचा। मैंने शीना का पैर पकड़ा। हम तीनों ने मिलकर शीना को झाड़ी के पास रख दिया। खन्ना पेट्रोल की कैन लेकर शीना के पास गया। मैंने कार से निकालकर इन्द्राणी मैडम को बैग दिया। बैग में साड़ी और ग्ल्वज निकालकर मैडम ने शीना के ऊपर डाल दिया। बैग भी उसके ऊपर डाल दिया। खन्ना ने शीना के बॉडी पर पेट्रोल डाल दिया। मैडम ने माचिस निकाली और जलाकर शीना की बॉडी के ऊपर फेंक दी। बॉडी जलने लगी। मैडम के कहने पर हम लोग तुरंत निकल गए।

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मैडम मुझसे बोली कि बांद्रा में हमें छोडऩा। हम एयरपोर्ट चले जाएंगे और तुम गाड़ी कर लेना। मैंने मैडम और खन्ना को बांद्रा छोड़ा। तभी मैडम मुझसे बोलीं, जो पार्सल सामान है, वो संभाल कर रखना और किसी को कुछ कहना नहीं, नहीं तो तुम्हारा भी ठीक नहीं होगा।
पार्सन में रखा था हथियार - श्यामवर ने बयान में कहा कि मेरे पास जो पार्सल सामान रखा गया था, वो मैंने घर में खोलकर देखा तो मैं डर गया। पार्सल में कट्‌टा था। मैंने उसको दो बार फेंकने की कोशिश की। हिम्मत नहीं हुई। फिर एक बार मैं हिम्मत करके वो सामान खार में दरिया में फेंकने जा रहा था। तो मैंने पुलिस की गाड़ी देखी। मैं डर गया और भागने की कोशिश की। तब मुझे पुलिस ने पकड़कर तलाशी ली। तलाशी में उनको कट्टा मिला। उन्होंने मुझे लाइसेंस पूछा, नाम और पता पूछा और पुलिस चौकी ले गए। मैंने पुलिस को जो घटना घटी थी, वो सब बताई।
शीना बोरा हत्याकांड का पूरा मामला क्या है तथा शीना बोरा को अपनी ही माँ ने क्यों मार डाला? शीना बोरा हत्याकांड का पूरा मामला क्या है तथा शीना बोरा को अपनी ही माँ ने क्यों मार डाला? Reviewed by Hindi khabar on December 11, 2019 Rating: 5
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